
Causes of Neck Pain: From Poor Posture to Vata Imbalance
Introduction
Neck pain is a common issue that affects people of all ages, often caused by modern lifestyle habits and deeper imbalances in the body. From an Ayurvedic and holistic perspective, understanding the root causes is essential for effective, long-lasting relief. Here’s a breakdown of the most common causes of neck pain—both physical and energetic.
1. Poor Posture and Sedentary Lifestyle
2. Muscle Strain or Overuse
3. Stress and Emotional Tension
4. Injury or Trauma
5. Cervical Spondylosis or Arthritis
6. Vata Dosha Imbalance (Ayurvedic Cause)
7. Poor Sleep Posture
Right Way to decrease Neck pain
1.स्क्रीन आँखों के बराबर रखें
मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन हमेशा आँखों की सीध में हो, ताकि गर्दन नीचे न झुके।
2. सही कुर्सी पर बैठें –
ऐसी कुर्सी का इस्तेमाल करें जिसमें कमर और पीठ को पूरा सहारा मिले। सीधे बैठें, कंधे ढीले रखें।
90–90 नियम अपनाएँ – बैठते समय घुटने 90 डिग्री और कोहनी 90 डिग्री पर हों, ताकि गर्दन और कंधों पर ज़ोर न पड़े।
3. सिर आगे न झुकाएँ –
ध्यान रखें कि आपके कान कंधों की सीध में हों, सिर आगे न निकले।
4. मोबाइल आँखों की ऊँचाई पर रखें –
“टेक्स्ट नेक” से बचने के लिए मोबाइल को ऊपर उठाकर देखें, नीचे झुककर नहीं।
5. बार-बार ब्रेक लें –
लंबे समय तक बैठने पर हर 30–40 मिनट में उठकर खड़े हों, स्ट्रेच करें और थोड़ी देर टहलें।
6. तकिये की ऊँचाई सही रखें –
सोते समय न बहुत ऊँचा और न बहुत नीचा तकिया इस्तेमाल करें, ताकि गर्दन रीढ़ की हड्डी के साथ सीधी रहे।
7. हाथों को सहारा दें –
टाइपिंग करते समय हाथों को डेस्क या आर्मरेस्ट पर टिकाएँ, ताकि कंधों और गर्दन पर दबाव न पड़े।
8.कोर (पेट और पीठ) की मांसपेशियाँ सक्रिय रखें –
सीधे बैठते/खड़े होते समय पेट और पीठ को हल्का टाइट रखें, इससे गर्दन को सहारा मिलेगा।
9.सोने का तरीका सही रखें –
पीठ के बल या करवट लेकर सोएँ। पेट के बल सोने से गर्दन मुड़ जाती है और दर्द बढ़ सकता है।

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